चंबा से पांगी के बीच रविवार को दो उड़ानें हुईं। इसमें लगभग 60 लोगों को घाटी के आर-पार किया। पांगी घाटी से गर्भवती महिला को भी चंबा पहुंचा दिया गया है। महिला को पांगी से चंबा रेफर किया गया था। बर्फबारी के कारण पांगी घाटी के संपर्क मार्ग बंद हैं।
ऐसे में पांगी से आने जाने वाले लोगों के लिए एकमात्र हवाई परिवहन ही विकल्प बचता है। रविवार को मौसम साफ रहने से चंबा से पांगी के लिए हेलीकॉप्टर ने दो बार उड़ान भरी। इसमें 38 लोगों ने चंबा से पांगी के किलाड़ और धरवास हेलीपैड के लिए उड़ान भरी। पांगी के धरवास और किलाड़ हेलीपैड से भी लगभग इतने ही लोग चंबा पहुंचे।
इनमें वह गर्भवती महिला भी शामिल है जिसने पांगी प्रशासन से चंबा जाने की गुहार लगाई थी। इस मौके पर चंबा हेलीपैड पहुंचे पांगी घाटी के लोगों सुरेंद्र, बलदेव, कमल सिंह, कृष्ण चंद, प्रकाश सहित अन्य ने बताया कि भले ही मौसम साफ हो चुका है लेकिन बीते दिनों हुई बर्फबारी के चलते अभी घाटी में जन जीवन प्रभावित है।
सबसे बड़ी मुश्किल परिवहन की है क्योंकि घाटी से बाहर निकलने वाले सभी मुख्य मार्गों पर बर्फ का पहरा है। घाटी का अंतरिम यातायात भी अभी तक ठप है। इसे बहाल होने में समय लग जाएगा। पांगी घाटी के लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जब पांगी में सड़क परिवहन बहाल नहीं हो जाता है तब तक लोगों की आवश्यकता के हिसाब से हवाई उड़ानें करवाई जाएं।
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आवश्यकता अनुसार होगी उड़ानें : उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि चंबा की पांगी घाटी बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र है। ऐसे में लोगों की आवश्यकता को देखते हुए आगामी समय में भी हवाई परिवहन सेवा मुहैया करवाई जाएगी।