175 रह गई संख्या, परिचालकों की भी कमी, सेवानिवृत्ति-पदोन्नति के बाद नहीं भरे पद
पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों के रूटों पर बढ़ा बसों के संचालन का दबाव
डीडीएम बोले- पर्याप्त स्टाफ के बिना सभी रूट नियमित चलाना चुनौतीपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा डिपो में बसों के रूट बढ़े नहीं, लेकिन उन्हें चलाने वाला स्टाफ जरूर घट गया है। डिपो के अधीन 200 से अधिक रूटों के संचालन के बीच चालकों की संख्या करीब 210 से घटकर अब 175 रह गई है।
यानी डिपो में 35 चालक कम हो गए हैं। परिचालकों की संख्या में भी करीब 35 की कमी बताई जा रही है। ऐसे में सीमित स्टाफ से अधिक रूटों का संचालन करना निगम प्रबंधन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
डिपो में कई चालक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि कुछ को पदोन्नति मिलने के बाद दूसरे पदों पर तैनाती दी गई। इससे चालक वर्ग में रिक्तियां बढ़ती गईं। खाली हुए पदों के मुकाबले नई नियुक्तियां नहीं होने से कमी दूर नहीं हो पाई। इसका दबाव मौजूदा चालक-परिचालकों पर पड़ रहा है।
चंबा डिपो के रूट जिले के दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों को मुख्यालय व अन्य स्थानों से जोड़ते हैं। ऐसे में पर्याप्त चालक-परिचालक उपलब्ध नहीं होने पर रूटों का नियमित संचालन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। आने वाले समय में स्टाफ की कमी दूर नहीं हुई तो निगम प्रबंधन को रूटों का संचालन बनाए रखने में और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
सेवानिवृत्ति के बाद नहीं हुई पर्याप्त भरपाई
एचआरटीसी डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि चंबा डिपो में चालकों की संख्या पहले करीब 210 थी, जो अब घटकर 175 रह गई है। सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के कारण चालकों की कमी हुई है। परिचालकों की संख्या में भी कमी है। उन्होंने कहा कि डिपो के अधीन 200 से अधिक रूट हैं और पर्याप्त स्टाफ के बिना सभी रूटों का संचालन करना चुनौतीपूर्ण है। सरकार को स्टाफ की कमी से अवगत करवाया गया है।