चंबा। केंद्र सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए वीरवार को ट्रेड यूनियनों के बैनर तले कर्मियों ने जिलेभर में प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं। इस दौरान कार्यालयों में कामकाज बंद रहा और जोरदार नारों की गूंज रही। इसमें आंगनबाड़ी और मिड-डे-मील वर्करों से लेकर एनएचपीसी बेरा सियूल, चमेरा-एक, दो, चांजू हाइड्रो प्रोजेक्ट यूनियन, एसबीआई के आउटसोर्स कर्मियों, 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों और गिनी ग्लोबल के आउटसोर्स कर्मचारी ने आवाज बुलंद की।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति की ओर से जिला मुख्यालय में आक्रोश रैली निकाली और उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। सीटू से संबंधित सभी ट्रेड यूनियनों ने कार्यालयों में कामकाज बंद रखा। रैली का नेतृत्व सीटू जिला सचिव सुदेश ठाकुर और जिला अध्यक्ष नरेंद्र ने किया। इस दौरान मीना देवी, सीमा देवी, सरोज, विपन, कौशल्या, कुशल ठाकुर, अयूब खान, संजय, चरण सिंह, प्रेम सिंह और सुनील कुमार ने अपने विचार रखे।
सीटू जिला सचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों को गुलामी की तरफ धकेल दिया है। पूंजीपति के मुनाफे के लिए ऐसा किया जा रहा है, लेकिन अब मजदूर वर्ग इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि लंबित मांगों पर केंद्रीय ट्रेड यूनियन से बात की जाए।
ये प्रमुख मांगें
चार लेबर कोड को रद्द किया जाए।
आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियमित किया जाए और मासिक मानदेय सुनिश्चित किया जाए।
मिड-डे मील वर्करों को 12 महीने न्यूनतम वेतन और छुट्टियां।
एनएचपीसी और हाइड्रो प्रोजेक्ट आउटसोर्स कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन और नियमितीकरण।
102 एवं 108 एंबुलेंस कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और कानूनी सुविधाएं।
हाइड्रो प्रोजेक्ट में श्रम कानूनों को शक्ति से लागू किया जाए।
वीबी जीराम जी को बंद करके मनरेगा को बहाल किया जाए।
स्मार्ट मीटर योजना बंद की जाए।