न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड मैहला में मनरेगा और अन्य विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर सेवा से हटाए गए आउटसोर्स कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है।
न्यायालय ने उनकी सेवाएं समाप्त करने संबंधी आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इससे विजय कुमार फिलहाल मैहला विकास खंड में आउटसोर्स आधार पर कनिष्ठ अभियंता के पद पर सेवाएं जारी रख सकेंगे।
न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने एक अक्तूबर 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए 18 अगस्त 2026 को जारी सेवा समाप्ति आदेश और 25 अगस्त को उपायुक्त चंबा की ओर से पारित आदेश के प्रभाव पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने के निर्देश दिए। अदालत ने प्रतिवादी पक्ष को मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार विजय कुमार की संबंधित विभाग में आठ अगस्त 2013 को तैनाती हुई थी। 18 अगस्त 2026 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके बाद उन्होंने सेवा समाप्ति आदेश के खिलाफ उपायुक्त चंबा के समक्ष अभ्यावेदन किया। उपायुक्त ने 25 अगस्त को अभ्यावेदन खारिज कर दिया। इसके बाद विजय कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहत की मांग की। एक अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष दर्ज किया गया कि प्रतिवादियों की ओर से अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। न्यायालय ने मामले को आगामी कार्रवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। संबंधित आवेदन में याचिकाकर्ता को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से फिलहाल विजय कुमार की सेवा समाप्ति पर रोक लग गई है। हालांकि, यह राहत अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। मामले में अंतिम स्थिति प्रतिवादी पक्ष के जवाब और हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।