चंबा। एक तरफ सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने की घोषणाएं कर रही है वहीं, दूसरी तरफ पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सेवाएं देने वाले दो सौ आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन के लिए सरकार बजट जारी नहीं कर पाई है। ऐसे में सरकार इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन कैसे दे पाएगी? बिना वेतन इन कर्मचारियों की होली त्योहार की खुशियां भी फीकी रहीं।
कई कर्मचारी ऐसे हैं जो तीसा, सलूणी, भरमौर, भटियात के विभिन्न इलाकों से संबंधित हैं और मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स प्रणाली के तहत कार्य कर रहे हैं। इन कर्मचारियों ने चंबा में किराये पर रहने के लिए क्वार्टर ले रखे हैं। तीन माह से वेतन न मिलने से कर्मचारियों को क्वार्टर खाली करने की धमकी मिल रही है। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। नवंबर से लेकर अब तक सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया है। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने नवंबर और दिसंबर माह का वेतन अपने निजी फंड से जारी कर दिया। अब जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का वेतन इन कर्मचारियों को देना बाकी है। इसके लिए कंपनी ने बिल बनाकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को काफी समय पहले दे रखे हैं लेकिन, बजट न होने की वजह से प्रबंधन कंपनी को भुगतान नहीं कर पा रहा है। प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि आउटसोर्स कंपनी के बिलों का भुगतान सरकार से बजट मिलने पर कर दिया जाएगा।
आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना काफी निंदनीय है। इस समस्या को लेकर संघ जल्द ही मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और जिला प्रशासन से मिलेगा। जरूरत पड़ी तो इसके समाधान को लेकर सरकार से भी बात की जाएगी।