चंबा। अंबाला कैंट (हरियाणा) के विक्रेता को चपाती बनाने की खराब मशीन बेचने पर 1,15, 640 रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित शिकायतकर्ता को अदा करनी होगी। इतना ही नहीं, मुआवजा राशि के रूप में 20 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 20 हजार रुपये की राशि भी अदा करने के आदेश उपभोक्ता कमीशन धर्मशाला/चंबा के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता कमीशन धर्मशाला/चंबा को बताया कि 2 मई 2022 को उन्होंने दुकान से मॉडल नंबर-केएसआई-118 की चपाती बनाने की मशीन 1,15,640 रुपये में खरीदी। उन्होंने यह मशीन रोजी-रोटी कमाने के लिए खरीदी थी जो शुरू से ही खराब थी। इसके लिए दुकानदार को कई बार इंजीनियर भेज कर खराब मशीन को दुरुस्त करने के लिए पत्राचार भी किया गया। इसके बदले दुकानदार ने बताया कि मशीन के पार्ट बदलने के लिए उसने बताए गए खाता संख्या में 10 नवंबर 2022 को तीन हजार रुपये जमा करवाने होंगे। पैसे जमा करवाने के बावजूद न तो खराब चपाती बनाने की मशीन की मरम्मत करने के लिए इंजीनियर पहुंचा और न ही खराब पार्ट बदले गए। कुल मिला कर खराब मशीन के चलते शिकायतकर्ता को परेशानियां उठानी पड़ीं। ऐसे में थकहार कर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता कमीशन धर्मशाला/चंबा में न्याय के लिए अर्जी लगाई। इसके बाद कमीशन की ओर से विक्रेता को नोटिस जारी किए गए लेकिन, इसके बावजूद विक्रेता कमीशन के सम्मुख पेश नहीं हुआ। लिहाजा, अंबाला कैंट हरियाणा के विक्रेता के खिलाफ खराब चपाती बनाने की मशीन देने के मामले में एकतरफा फैसला सुनाते हुए 1,15, 640 रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से शिकायतकर्ता को अदा करने का फैसला सुनाया। इतना ही नहीं, मुआवजा राशि के रूप में 20 हजार और मुकदमे के खर्च के रूप में 20 हजार की राशि भी अदा करने के आदेश भी दिए।
कमीशन के अध्यक्ष और सदस्य ने दोनों पक्षों के तर्क और तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए अंबाला कैंट हरियाणा के विक्रेता को खराब चपाती बनाने की मशीन देने के मामले में 1, 15, 640 रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से शिकायतकर्ता को अदा करने का फैसला सुनाया। इतना ही नहीं, मुआवजा राशि के रूप में 20 हजार और मुकद्दमे के खर्च के रूप में 20 हजार की राशि भी अदा करने के आदेश दिए।