चंबा। कार की इंश्योरेंस होने के बावजूद मुआवजा राशि न देने पर जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला/चंबा की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी पर शिकंजा कसते हुए उसे 15 लाख रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित पीड़ित परिवार को अदा करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा कंपनी को 50 हजार रुपये मुआवजे के रूप में और 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में भी चुकाने होंगे।
मामला एक कार दुर्घटना का है, जिसमें 24 अक्तूबर 2023 को चंबा-पठानकोट मार्ग पर जड्डा के समीप बंदरों के सड़क पर पत्थर गिराने के कारण एक परिवार की ऑल्टो कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी ने मुआवजा राशि देने से इन्कार कर दिया था। इस पर पीड़ित परिवार ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
शिकायतकर्ता ललिता कुमारी, रिया कुमारी और अन्य उत्तराधिकारियों ने बताया कि उनकी कार की इंश्योरेंस 30 जुलाई 2023 से 29 जुलाई 2024 तक थी। 24 अक्तूबर 2023 को गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें ललिता कुमारी के पति रमेश कुमार घायल हो गए और 11 नवंबर 2023 को लुधियाना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दुर्घटना के बाद जब परिवार ने मुआवजे के लिए इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी ने दस्तावेजों की तफ्तीश के बाद मुआवजा देने से मना कर दिया।
इसके बाद, पीड़ित परिवार ने जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला/चंबा में केस दायर किया, जहां आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है।