नौ प्रतिशत ब्याज, 50 हजार मुआवजा और 15 हजार वाद खर्च भी देना होगा
उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंबा ने आग से नष्ट हुए जड़ी-बूटी के स्टॉक के बीमा दावे को खारिज करने के मामले में फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।
आयोग ने कंपनी को 6,30,790 रुपये का बीमा दावा 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। मानसिक प्रताड़ना और व्यापारिक नुकसान के लिए 50 हजार रुपये तथा वाद खर्च के रूप में 15 हजार रुपये अलग से देने होंगे।
आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नयन ठाकुर की पीठ ने यह फैसला चुराह उपमंडल के खुशनगरी निवासी निषाद अली की शिकायत पर सुनाया। शिकायतकर्ता ने बताया कि जड़ी-बूटियों और किराना स्टॉक का बीमा फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से करवाया था। मार्च 2023 में शार्ट सर्किट से दुकान में आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि आग बीमित परिसर से अलग स्थान पर लगी थी। आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी निर्धारित समय में अपना जवाब दाखिल नहीं कर सकी और दावा अस्वीकार करने के पर्याप्त कानूनी आधार भी प्रस्तुत नहीं कर पाई। सर्वेयर की अंतिम रिपोर्ट में वास्तविक क्षति 6,30,790 रुपये आंकी गई थी। आयोग ने आदेश दिया कि यह राशि पहले हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक भंजराडू शाखा में शिकायतकर्ता के ऋण खाते में समायोजित की जाए। शेष राशि शिकायतकर्ता को दी जाए और ऋण चुकता होने पर बैंक एनओसी जारी कर शिकायतकर्ता का सिविल रिकॉर्ड भी अपडेट करे।