प्रशासन की और से लंगर सेवा का काटी पर्ची। जागरूक पाठक
मैहला (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान लंगर लगाने वाली समितियों से पंजीकरण और सुरक्षा शुल्क लेने पर विवाद खड़ा हो गया है। लंगर सेवा समितियों ने कथित शुल्क वसूली का विरोध करते हुए प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
समिति सदस्यों ने कहा कि लंगर श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से लगाए जाते हैं। समितियां अपने स्तर पर खर्च वहन करती हैं।
मणिमहेश लंगर सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष रूबी सिंगला और लंगर सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के अश्वनी महाजन ने कहा कि पिछले वर्ष तत्कालीन जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आश्वासन दिया था कि लंगर लगाने वाले श्रद्धालुओं से पंजीकरण या सुरक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। बावजूद इसके इस वर्ष शुल्क वसूलने का आरोप लगाया जा रहा है।
समिति सदस्यों ने कहा कि लंगर समितियां यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के साथ कई स्थानों पर पानी, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं भी अपने खर्च पर उपलब्ध करवाती हैं। आपदा के समय भी समितियों ने बंद पड़े लंगर दोबारा शुरू कर श्रद्धालुओं की सहायता की थी। समस्त लंगर सेवा समितियों ने मांग की है कि पिछले वर्ष दिए गए आश्वासन को लागू किया जाए और सेवा के नाम पर पंजीकरण और सुरक्षा शुल्क की वसूली तत्काल बंद की जाए।