चंबा। चेक बाउंस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंबा सुभाष चंद भसीन की अदालत ने व्यक्ति को एक वर्ष का कारावास और दो लाख 54 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आरोपी ने जान-पहचान का फायदा उठाकर एक अन्य व्यक्ति से जनवरी 2020 में दो लाख रुपये ऋण के रूप में लिए। जमानत के तौर पर आरोपी ने शपथपत्र बनवाकर उन्हें चेक सौंपे। इसमें उसने छह माह के भीतर उधार लिए पैसे वापस करने की बात कही। इस पर व्यक्ति ने उसे पैसे उधार दे दिए, लेकिन निर्धारित समयावधि बीतने के बाद भी पैसे वापस न मिलने पर उन्होंने आरोपी से संपर्क साधकर उधार लिए पैसे लौटाने की बात कही। इस पर आरोपी आज और कल में पैसे लौटने की बात कहने लगा। उसकी बातों में विश्वास कर उन्होंने उसे और समय दे दिया। अमूमन तीन माह बीतने के बाद भी पैसे न मिलने के साथ आरोपी ने व्यक्ति का फोन उठाना भी बंद कर दिया।
इस पर व्यक्ति ने आरोपी की तलाश कर उससे पैसे मांगे, लेकिन आरोपी के टाल-करने पर उन्होंने चेक बैंक में लगा दिए। आरोपी के खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस हो गया। इस पर बैंक प्रबंधन ने व्यक्ति से संपर्क साधकर खाते में पैसे न होने की बात बताई। यह बात सुनकर उनके पांव तले जमीन खिसक गई। ऋण देने वाले व्यक्ति ने आरोपी के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस होने की बात बताई। इस पर आरोपी उसके साथ बहसबाजी करने लगा। बहरहाल, व्यक्ति ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की। मामले के तहत आखिरकार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को एक वर्ष का कारावास और 2,54,000 रुपये अदा करने का फैसला सुनाया।