सूखे का असर, किसानों की टूटी गेहूं की अधिक पैदावार होने की उम्मीद, खेत पड़े खाली
किसान बोले, हर साल विभाग से पांच सौ क्विंटल से भी अधिक गेहूं की करते हैं मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड सलूणी में एक बार गेहूं का बीज एक सौ क्विंटल कम बिका है। बारिश न होने के कारण किसान बीच खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जबकि हर साल पांच सौ क्विंटल से भी अधिक किसान गेहूं के बीज की डिमांड की जाती थी। इस बार किसानों की गेहूं की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद पूरी तरह टूट गई है।
हर साल नवंबर में गेहूं की बिजाई हो जाती है। इस बार न तो बारिश हो रही और न ही अब गेहूं की बिजाई का समय बचा है। अगर पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। जिससे गेहूं का उत्पादन कम हो सकता है। इसका असर बीज की बिक्री पर भी पड़ता रहा है, क्योंकि किसानों को बीज खरीदने में कठिनाई होती है। ऐसे में वे इस साल बीज का उपयोग कम कर रहे हैं। मौसम का असर अन्य कृषि गतिविधियों पर भी पड़ रहा है, जिससे कृषि उत्पादकता और किसानों की आमदनी पर असर रहा है।
किसानों देस राज, कुलदीप कुमार, दिनेश कुमार, कृष्ण पाल, दलीप कुमार का क्षेत्र में हर साल पांच सौ क्विंटल से अधिक गेहूं का बीज लगता है। इस साल लगभग पांच सौ क्विंटल पहुंचा है, जिसमें से चार सौ क्विंटल ही बीच किसानों ने खरीदा है। शेष एक सौ क्विंटल बीज विभाग के पास बच गया है। कहा कि खेत खाली पड़े हैं। पांच माह से बारिश न होने से खेत अब बंजर बन गए हैं। किसानों ने दो माह पहले से ही बीज खरीदकर घर में रखा है। लेकिन, कुछ किसानों ने बारिश न होने के डर से बीज नहीं खरीदा है। विभाग का मानना है कि इस बार बीज काफी कम बिका है। हर वर्ष पांच सौ क्विंटल से भी अधिक मांग किसानों की ओर से आती है।
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इस बार एक सौ क्विंटल गेंहू का बीज कम बिका है। चार सौ क्विंटल ही गेहूं का बीज बिक पाया है। बारिश न होने से किसान बीज नहीं खरीद पा रहे हैं। -रविंद्र कुमार, कृषि उपकेंद्र सलूणी के विषय भाग विशेषज्ञ