लोग नगर परिषद डलहौजी के खिलाफ जमकर निकाल रहे भड़ास
बोले, 19 दिन बाद भी सुचारु नहीं हो पाई स्ट्रीट लाइटें
विशाल आनंद
डलहौजी (चंबा)। पर्यटन नगरी डलहौजी में स्ट्रीट लाइटें बंद होने का मामला तूल पकड़ने लगा है। डलहौजी के स्थानीय लोग भी सोशल मीडिया पर चुनी हुई नगर परिषद के खिलाफ जमकर भड़ास निकला रहे हैं।
वहीं, सर्दियों के मौसम में डलहौजी के चौक चौराहों और गलियों में यही मुद्दा गर्माया हुआ है। डलहौजी के गांधी चौक में एक बुजुर्ग इस मामले में कहते हैं कि डलहौजी में ऐसा मंजर उन्होंने 1971 में भारत-पाकिस्तान की लड़ाई के दौरान देखा था, जब शाम होते ही डलहौजी की सड़कें और गलियां अंधेरे में डूब जाती थीं और अब 53 सालों बाद वैसा ही मंजर इन दिनों पर्यटन नगरी डलहौजी में देखा जा रहा है।
उनका कहना है कि अंग्रेजों के बसाए डलहौजी की आज ऐसी दुर्दशा है कि 19 दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। इसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, सोशल मीडिया में कोर्ट रोड के एक वरिष्ठ नागरिक ने डलहौजी पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि कितने शर्म की बात है कि डलहौजी,जो कि ए श्रेणी की नगरपालिका वाला देश का प्रमुख हिल स्टेशन था, आज इस अपमानजनक स्थिति में पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार व्यापार मंडल स्थानीय लोगों के सहयोग से सोमवार को मोर्चा खोलने जा रहा है । इसे लेकर पहले से ही व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश चौबियाल प्रेस वार्ता कर अपनी मंशा जता चुके हैं। आने वाले दिनों में अब पर्यटन नगरी डलहौजी में स्ट्रीट लाइट का मुद्दा मौजूदा नगर परिषद के चुने हुए पदाधिकारियों के लिए गले की फांस बन सकता है। गौरतलब है कि शाम होते ही डलहौजी की सड़कों ,बस अड्डा, मुख्य चौक और गलियों में अंधेरा पसर जाता है जिससे अब यहां का पर्यटन व्यवसाय भी खासा प्रभावित हो रहा है।
जल्द निकाला जाएगा समस्या का समाधान : पठानिया
डलहौजी व्यापार मंडल की ओर से पर्यटन नगरी डलहौजी में स्ट्रीट लाइट के बंद होने को लेकर कड़ा रुख अपनाने के बाद शनिवार को डलहौजी नगर परिषद के उपाध्यक्ष संजीव पठानिया ने प्रेस वार्ता कर डलहौजी के निवासियों को सलाह दी कि स्थानीय लोग अगर अपने अपने घरों के आगे एक एक बल्ब जला लें तो इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री से मिल कर इसका समाधान निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा जो राशि नगर परिषद पर देय राशि बकाया है उसमें सरचार्ज काफी ज्यादा है और इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।