चंबा के भरमौर मणिमहेश में बर्फबारी के बाद का दृष्य।स्त्रोत:संवाद
भरमौर (चंबा)। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण राधा के साथ मिलकर भगवान शंकर से मिलने शिव धाम कैलाश जाते हैं। यह नजारा देखने के लिए कई देवी-देवता विभिन्न प्रकार के रूप लेकर कैलाश पहुंचते हैं। इसी मान्यता के चलते मणिमहेश यात्रा के दौरान जन्माष्टमी का शाही स्नान होता है। इस स्नान पर हजारों श्रद्धालु डलझील पहुंचते हैं।
यह बात धन्छौ में पिछले 27 सालों से तपस्या में लीन महात्मा आकाश गिरी ने कही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण, राधा और भगवान का शंकर का मिलन जन्माष्टमी को होता है। इस दिन को भगवान शंकर और कृष्ण की भक्ति के लिए काफी शुभ माना गया है।
जो श्रद्धालु भगवान शंकर और कृष्ण की भक्ति करते हैं, वे डलझील में जन्माष्टमी का छोटा शाही स्नान करते हैं। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों की अलग-अलग मान्यता और महत्व है। इन स्थानों पर रोजाना कोई न कोई चमत्कार होते रहते हैं। जिसे भगवान शिव के उपासक या तपस्वी ही देख सकते हैं। भरमौर में डेरा जमाए जम्मू के सैकडों शिव भक्त डलझील पहुंच चुके हैं। ये जन्माष्टमी का शाही स्नान कर बुधवार को लौटेंगे। वीरवार को चंबा में पहुंचेंगे। उसके बाद जम्मू के लिए रवाना होंगे।