चंबा। जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर अब पेनल्टी लगेगी। इस संबंध में जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. नीलम कुमारी ने बैठक के दौरान जिला पंचायत अधिकारी को आदेश जारी किए हैं। पहले बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाते थे। मगर पहली बार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 194 के अनुच्छेद 155 का प्रयोग किया गया है।
डॉ. नीलम कुमारी का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि त्रैमासिक बैठक में उनकी अनुपस्थिति के कारण जिला भर में विकास कार्यों में कोई रुकावट न हो। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों में कई विभागों के अधिकारी शामिल थे, जबकि कार्यकारी अधिकारी भी बैठक में मौजूद नहीं थे।
जिला परिषद की बैठक से एडीएम चंबा, भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक, सहायक पर्यावरण अभियंता, बीएसएनएल के सहायक अभियंता और वन मंडल अधिकारी डलहौजी अनुपस्थित रहे। इससे पहले, अनुपस्थिति पर केवल कारण बताओ नोटिस जारी किए जाते थे, लेकिन अब इस बार पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
उधर, जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. नीलम कुमारी का कहना है कि बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुच्छेद 155 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि तीन माह में एक बार होने वाली इन बैठकों में अधिकारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह कदम उठाया गया है ताकि अधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया जा सके।