चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चंबा डिपो की बसों की लेटलतीफी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब चंबा से देहरादून जाने वाली सरकारी बस शाम 7 बजे रवाना होनी थी, लेकिन यह बस 45 मिनट देरी से चली। इस दौरान यात्री ठंड में बस स्टैंड पर बैठे रहे। बस की देरी से रवाना होने पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
यात्रियों ने बताया कि पहले से ही लंबा सफर होता है, ऊपर से बसें समय पर नहीं चलतीं। कई बार बसों के ज्यादा देरी से चलने के कारण यात्री मजबूरन अपने गंतव्य पर जाने का कार्यक्रम रद्द कर वापस घर लौट जाते हैं।
यात्री शिल्पा ठाकुर, शालिनी, मेघा, करन कुमार, अमन ठाकुर, देव सिंह और प्रदीप कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले कांगड़ा में इंटरव्यू देने जा रहे कई विद्यार्थियों को भी बसों की देरी का खामियाजा भुगतना पड़ा। बस समय पर न निकलने के कारण करीब 10 विद्यार्थी इंटरव्यू में नहीं पहुंच पाए और मायूस होकर घर लौट आए।
पहले लोकल रूटों पर ही बसों की लेटलतीफी आम बात थी, लेकिन अब लंबे रूटों पर भी यही हाल हो गया है। चंबा बस स्टैंड से शायद ही कोई बस ऐसी हो जो अपने निर्धारित समय पर रवाना होती हो। यात्रियों का आरोप है कि जब बसों की देरी का कारण पूछा जाता है तो चालक या परिचालक बहस करने लगते हैं या फिर बसों की मरम्मत में देरी का हवाला दे दिया जाता है।
हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद परिवहन निगम इस समस्या को नजरअंदाज करता नजर आ रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन निगम बसों के संचालन में समय का ध्यान रखा जाए, ताकि खासकर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े।
उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि बस की मरम्मत करने में देरी के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हुई। बसों को समय से ही रूटों पर भेजा जाएगा, ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।