चंबा मेडिकल कॉलेज में व्हील चेयर पर पांव रखने वाली जगह पर बंधी गई पट्टी।संवाद
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में व्हील चेयर का अभाव मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है। आलम यह है कि इतने बड़े स्वास्थ्य संस्थान में व्हील चेयर तलाशने के लिए मरीजों और तीमारदारों को यहां-वहां भटकना पड़ता है। अगर व्हील चेयर मिल भी जाएं तो उनको पट्टियों से बांधा गया होता है। इससे मरीज के चोटिल होने का और खतरा बढ़ जाता है। कई बार शहर के प्रबुद्धजन और समाजसेवी प्रबंधन से नई व्हील चेयर मेडिकल कॉलेज में रखने को लेकर आवाज बुलंद कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा सका है। मेडिकल कॉलेज चंबा पर जिले के पांच विस क्षेत्रों की पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर हैं।
तीमारदार राजीव कुमार, विकास कुमार, विनोद ठाकुर, नेक सिंह, उत्तम भारद्वाज और संजीव कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीजों को एक स्थान से लेकर दूसरे स्थान में पट्टी करवाने के लिए ले जाना पड़ता है। इसके अलावा मरीज को मेडिकल कॉलेज से ओपीडी, एक्सरे या अल्ट्रासाउंड रूम तक ले जाने के लिए समय पर व्हील चेयर तक नहीं मिलती है।
मेडिकल कॉलेज जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं। यहां हर वार्ड के बाहर तीन से चार व्हील चेयर की व्यवस्था होनी चाहिए। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के चिकित्सा अधीक्षक चंबा डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। व्हील चेयर आपातकालीन कक्ष के बाहर एकत्रित कर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही व्हीलचेयरों की संख्या को बढ़ाने के भी प्रयास रहेंगे।