चंबा। लहसुन और मटर का पहली बार बीमा होगा। सरकार और कृषि विभाग ने किसानों की मेहनत पर मेघ और सूखे की स्थिति में होने वाले नुकसान से उभारने के लिए यह सार्थक प्रयास शुरू किया है।
इसके तहत एक बीघा जमीन पर फसल का 800 रुपये में एक बार बीमा होगा। सबसे रोचक बात इसमें अब यह होगी कि फसल को होने वाले नुकसान के बाद किसानों को किसी प्रकार की कागजी कार्सरही पूरी करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। नुकसान का अनुमान लगाने के बाद बीमा कंपनी की ओर से 16 हजार रुपये तक क्लेम किसान को मिलेगा। फसलों के बीमा को लेकर चंबा जिले के विभिन्न ब्लॉक चयनित किए गए हैं। बशर्ते, लहसुन फसल का बीमा किसान 14 दिसंबर और मटर फसल का 30 नवंबर तक किसानों को बीमा करवाना ही होगा।
चंबा जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 692 हजार हेक्टेयर है। इसमें केवल 41.80 हजार हेक्टेयर भूमि पर ही खेती की जाती है। इसके अतिरिक्त लगभग 2200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सब्जी उत्पादन किया जाता है। लिहाजा, किसानों की मेहनत को उचित दाम मिले और उन्हें यदाकदा प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से उभारने के लिए सरकार और कृषि विभाग आगे आया है। किसानों लहसुन और मटर की फसल का भारतीय कृषि बीमा कंपनी में बीमा करवा सकते हैं। भारतीय कृषि बीमा कंपनी के जिला समन्वयक भुवनेश कुमार ने बताया कि मटर की फसल के लिए जिले के चंबा, सलूणी और तीसा ब्लॉक जबकि, लहसुन फसल के लिए भटियात, चंबा, सलूणी और तीसा ब्लॉक को चयनित किया गया है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि लहसुन और मटर की फसल का बीमा होगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को मेहनत के अनुसार अधिक से अधिक लाभ प्रदान करना है।
ये दस्तावेज रहेंगे जरूरी
लहसुन और मटर की फसल का बीमा करवाने के लिए किसानों को बैंक पास बुक, जमाबंदी, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
कैसे करवाया जा सकता है बीमा
जिन किसानों ने क्रेडिट कार्ड या ऋण लिया है, उनकी फसल का बीमा स्वत: ही बैंक की ओर से कर दिया जाएगा। जिन किसानों ने ऋण नहीं लिया है, वे लोकमित्र केंद्रों में जाकर बीमा करवा सकते हैं। इसके अलावा योजना के पोर्टल पर भी किसान फसलों का बीमा कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए किसान निशुल्क हेल्पलाइन नंबर- 1800116515 पर संपर्क कर सकते हैं।