चंबा। चुराह उपमंडल के तहत सनवाल पंचायत में सेब पौधों लगाने की गड़बड़ी के मामले में उपायुक्त ने पंचायत प्रधान सहित पंचायत प्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
10 दिन के भीतर पंचायत प्रतिनिधियों से नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। हर प्रतिनिधि को अलग से नोटिस दिया है। इन प्रतिनिधियों पर मनरेगा के तहत वार्डों में सेब के बगीचे लगाने के कार्य में गड़बड़ी करने का आरोप है। इसके लिए एक करोड़ 17 लाख 16 हजार 32 रुपये स्वीकृत हुए थे। क्षेत्र में 48,500 सेब के पौधे रोपे जाने थे। धरातल पर 19,387 पौधे ही लगाए गए। इस कार्य पर 87 लाख 30 हजार की राशि खर्च की गई। आरोप है कि प्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने पंचायत से प्रस्ताव पारित कर उद्यान विभाग की तय से अधिक दर पर सेब पौधे खरीदकर लगा दिए। उद्यान विभाग से परामर्श के बिना 64, लाख 57 हजार, 560 रुपये मनरेगा राशि का दुरुपयोग किया गया।
वार्डों में जो सेब के पौधे लगाए गए हैं, उनकी गुणवत्ता सहित दामों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने उद्यान विभाग से अनुमति नहीं ली। जहां से पौधे खरीदे गए, उस नर्सरी में इतनी अधिक संख्या में पौधे तैयार करने की क्षमता नहीं है। किस प्रकार से एक नर्सरी से इतनी अधिक संख्या में पौधे खरीदे गए, इसको लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए। पंचायत के लोगों ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी तो मामले की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने रातोंरात पंचायत के वार्डों में सेब पौधे लगाने का प्रयास किया। लोगों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने इसकी भी शिकायत प्रशासन से की। शिकायत कर्ता के अनुसार पंचायत में कार्य के अनुसार सेब के पौधे लगाए ही नहीं गए हैं।
इसमें रोचक बात सामने आई है कि लाभार्थियों को सेब के पौधे आवंटित करने के बजाय चहेतों को ही सेब पौधे वितरित कर दिए। सेब पौधों के लिए निर्धारित गड्ढे नहीं बनाए गए।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि सनवाल पंचायत के पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने पद पर रहते हुए लाखों की मनरेगा धनराशि का दुरुपयोग किया है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों से जवाब मांगा गया है। 10 दिन के भीतर नोटिस का जवाब खंड विकास खंड अधिकारी के माध्यम से देना होगा।