उच्च न्यायालय के निर्देश मिलने के बावजूद भटियात उपमंडल में अवैध कब्जे हटाए नहीं जा सके हैं। वन भूमि पर स्थापित इन कब्जों को लेकर बिजली के मीटर और पानी के कनेक्शन काटने का अभियान चलाया गया था। लेकिन कुछ देर तक सक्रिय रहने के बाद वन विभाग ने इस अभियान को बंद कर दिया और विभाग अब इस अभियान को आगे बढ़ाने के मूड़ में नहीं है।
भटियात उपमंडल के लाहड़ू, रायपुर, चुवाड़ी समेत अन्य जगहों पर वन विभाग की भूमि पर कब्जों की पुष्टि हुई थी। उच्च न्यायालय से निर्देश मिलने के बाद वन विभाग ने इन कब्जों को सूचीबद्ध किया था और कब्जों को हटाने के लिए जरूरी औपचारिकताएं उस समय पूरी की थीं लेकिन इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने से पूर्व ही विभाग ने हाथ खड़े कर दिए। अब ये सभी कब्जे उसी तरह से मौजूद हैं जैसे उच्च न्यायालय के निर्देश मिलने से पूर्व थे।
जिन कब्जाधारकों को वन विभाग ने नोटिस दिए थे या आईपीएच और बिजली बोर्ड ने जिनके कनेक्शन काटे थे उन्होंने भी अपने-अपने बंदोबस्त कर लिए हैं। भटियात उपमंडल में उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी खुले तौर पर हो रही है और कई विभाग इसमें अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।
सभी कब्जे हटाएगा वन विभाग : डीएफओ
उधर, वन मंडल अधिकारी डलहौजी राकेश कटोच का कहना है कि लाहडूू, चुवाड़ी, रायपुर, बकलोह, ककीरा व सिहुंता में बीस मामले सामने आए थे। इन सभी के बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं। विभाग इन कब्जों को खाली करवाने के लिए राजस्व विभाग के साथ मिलकर काम कर रहा है। जल्द ही सभी कब्जे वन विभाग की जमीन से हटा दिए जाएंगे।
सिर्फ जोत पर उखाड़े गए हैं पांच कब्जे
उच्च न्यायालय के निर्देश मिलने के बाद भटियात उपमंडल में सिर्फ जोत पर ही अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई पूरी हो सकी है। वन विभाग ने यहां लंबे समय से कब्जाधारक पांच लोगों को खाली करने के नोटिस दिए थे। लेकिन खाली न करने पर विभाग ने सभी पांचों कब्जे गिरा दिए। इसके अलावा कहीं पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ लोग राजनीतिक आश्रय मिलने की बात भी कर रहे।