कर्मचारी की निजता के उल्लंघन पर ग्लोबल सैनिटेशन सर्विसेज को नोटिस
श्रम विभाग ने सात दिन में मांगा जवाब, संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कर्मचारी की निजता और सेवा संबंधी गोपनीयता के उल्लंघन के मामले में श्रम विभाग चंबा ने मैसर्स ग्लोबल सैनिटेशन सर्विसेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने फर्म के प्रोपराइटर सुबोध कुमार पाठक से सात दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मामले के अनुसार, फर्म ने अपने एक कर्मचारी को जारी कारण बताओ नोटिस श्रम कार्यालय सहित अन्य पक्षों को भी भेज दिया था। श्रम विभाग के अनुसार, संबंधित पक्षों का इस स्तर पर मामले से सीधा सरोकार नहीं था। ऐसे में कर्मचारी का व्यक्तिगत और सेवा संबंधी पत्राचार साझा करना उसकी निजता, गरिमा और प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज नियोक्ता और कर्मचारी के बीच संवेदनशील होते हैं। इन्हें बिना उचित कारण तीसरे पक्षों के साथ साझा करना गोपनीयता के लिए नुकसानदेह हो सकता है। विभाग ने इस मामले को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित निजता और गरिमा के अधिकार से जुड़ा बताया है।
नोटिस में फर्म से पूछा गया है कि कर्मचारी को जारी पत्र श्रम अधिकारी को किस आधार पर भेजा गया और इसके लिए कोई कानूनी आवश्यकता थी या नहीं। साथ ही, भविष्य में कर्मचारियों के निजी दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का ब्योरा भी मांगा गया है। नोटिस की प्रतिलिपि मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य को भेजी गई है।
जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों के आत्मसम्मान और निजता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि नोटिस की प्रतिलिपि प्राप्त हुई है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।