मुस्कान, खेमराज, सुमित और चंपा देश और विदेश में चमका रहे चंबा का नाम
बघेईगढ़ के तीन, चरड़ा पंचायत के एक खिलाड़ी ने दिखाया राष्ट्रीय स्तर पर दम
परवेज खान
चुराह (चंबा)। मैदान और स्टेडियम की कमी ने चुराह के खिलाड़ियों की उड़ान को रोकना चाहा लेकिन जज्बा और मेहनत ने हर बाधा को चीर दिया। बघेईगढ़ और चरड़ा की मिट्टी से निकले मुस्कान, खेमराज, सुमित और चंपा ने साबित कर दिया कि संसाधन नहीं, हौसला और लगन ही असली जीत है।
उपमंडल की बघेईगढ़ पंचायत एक बार फिर खेल प्रतिभाओं के कारण सुर्खियों में है। मूलभूत खेल सुविधाओं के अभाव के बावजूद खिलाड़ियों ने अपने दमखम से हिमाचल ही नहीं, बल्कि देशभर में क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
चुराह विधानसभा क्षेत्र में न तो कोई बड़ा खेल मैदान है, न इंडोर स्टेडियम और न ही खेलों से जुड़े पर्याप्त उपकरण हैं। बावजूद इसके युवा खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों में अभ्यास कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में बघेईगढ़ पंचायत के गांव घेइया की मुस्कान ने 76 किलोग्राम कुश्ती वर्ग में फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रचा है। मुस्कान के पिता व्यास देव हैं। चुराह के एक और होनहार खिलाड़ी खेमराज जो ग्राम पंचायत चरड़ा के गांव खंडेर से संबंध रखते हैं। उन्होंने वेटलिफ्टिंग में 132 किलोग्राम वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता है।
गौरतलब है कि बघेईगढ़ पंचायत पहले से ही खेल प्रतिभाओं की धनी रही है। चंबा और चुराह के नामी पहलवान रमेश ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी हैं। उनके बेटे सुमित ठाकुर भी प्रदेश और देश में एक प्रसिद्ध पहलवान के रूप में पहचान बना चुके हैं। बघेईगढ़ पंचायत के तीन खिलाड़ियों (चंपा ठाकुर, सुमित ठाकुर और मुस्कान) और चरड़ा पंचायत के एक खिलाड़ी (खेमराज) ने साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी भी हौसलों को नहीं रोक सकती। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुराह क्षेत्र में खेल सुविधाओं का विकास किया जाए तो यहां से और भी कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं। संवाद