होली (चंबा)। प्रदेश सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही हो, लेकिन जनजातीय क्षेत्र होली में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति आज भी बहुत खराब है। यहां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को इस कमी से सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं।
होली क्षेत्र के लगभग 20,000 लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र की 12 पंचायतों, जिनमें होली, न्याग्रां, गरोला, कुलेठ, कुठेड़, सांह, लामू, दयोल, और क्वांरसी शामिल हैं, के निवासियों को अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए चंबा शहर का रुख करना पड़ता है, जो 70 किलोमीटर दूर है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का वादा करती है, लेकिन इन सेवाओं का लाभ अब तक यहां के लोगों को नहीं मिल पाया है। राकेश कुमार, विनोद कुमार, सुरेंद्र सिंह, और अन्य स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार को जल्द ही होली क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
चंबा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. विपिन ठाकुर ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और बताया कि इस मामले को उच्चाधिकारियों के साथ साझा किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान कर होली में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराएगी।