पांगी अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को शौचालय में लगे नल से भरना पड़ता है पानी
कई अस्पताल से 200 मीटर दूर जाकर प्राकृतिक स्रोत से ला रहे पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के इकलौते नागरिक अस्पताल में सार्वजनिक नल तक की सुविधा नहीं है। इस कारण मरीजों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
हालत यह है कि मरीज पीने के लिए या तो 200 मीटर दूर जाकर प्राकृतिक स्रोत से पानी लाते हैं या फिर उन्हें अस्पताल के शौचालयों में लगे नलकों से ही पानी भरना पड़ता है। इसकी वजह से मरीज और तीमारदार काफी परेशान हैं। लंबे समय से तीमारदार और मरीज अस्पताल के भीतर पीने के पानी का अलग से नलका लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इसे लेकर मरीजाें में विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
तीमारदारों में सुरेश कुमार, दीपक, शिव कुमार, मान सिंह, पवन कुमार और सुरेश कुमार ने बताया कि पांगी घाटी की 19 पंचायतों के लोग अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए नागरिक अस्पताल किलाड़ में आते हैं। जहां पर उन्हें पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि शौचालयों में बदबू रहती है। ऐसे में वहां लगे नलकों का पानी पीने में इस्तेमाल करने को मरीज संकोच करते हैं। इसलिए किलाड़ अस्पताल में अलग से पेयजल का नल होना चाहिए।
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-अस्पताल में अलग से पेयजल नल लगाने के लिए जल शक्ति विभाग को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक विभाग ने अस्पताल में नल नहीं लगाया है। इसके लेकर दोबारा से विभाग को सूचित किया जाएगा। -डॉक्टर विशाल शर्मा, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी
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सर्दी के मौसम में पांगी में पेयजल पाइप जाम हो जाते हैं। अस्पताल के शौचालय में पानी उपलब्ध करवाने के लिए ओपन पाइप डाली गई है। रही बात अलग पेयजल नल को लेकर उसे लेकर अस्पताल की तरफ से डिमांड नहीं आई है। उनकी डिमांड आने पर नल लगा दिया जाएगा। - राम रतन शर्मा, अधिशासी अभियंता पांगी मंडल