उपचार के लिए 30 से 70 किमी दूर नूरपुर-पठानकोट जा रहे मरीज, बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी
पद स्वीकृत, लेकिन विशेषज्ञ की तैनाती का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी (चंबा)। सिविल अस्पताल चुवाड़ी में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
हड्डियों, घुटनों और जोड़ों की समस्या से जूझ रहे लोगों को नूरपुर और पठानकोट तक 30 से 70 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए दर्द की स्थिति में इतनी दूर जाना मुश्किल हो जाता है।
अस्पताल पर 55 पंचायतों की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। कुडणू, मलूंडा, बनेट, गाहर, जतरून, गगाहर, बवाई, अंवाह, रायपुर, साडल, जंदरोग, परछोट, कथेट और कलहेतर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हड्डी रोग संबंधी उपचार के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय निवासी अमर सिंह, योगराज, संजीव कुमार, किरपा राम और निधिया राम ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में विशेषज्ञ की तैनाती करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मरीजों को उपचार के लिए दूर के शहरों में जाने से राहत मिलेगी।
पद स्वीकृत, नियुक्ति का इंतजार
डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि सिविल अस्पताल चुवाड़ी में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद स्वीकृत है। सरकार की ओर से नई तैनाती होने पर रिक्त पद भर दिया जाएगा। इस संबंध में समय-समय पर सरकार और विभागीय अधिकारियों से पत्राचार किया जाता है।
चुवाड़ी से पठानकोट का लगता है 145 रुपये किराया
चुवाड़ी से नूरपुर तक बस में सफर करने के लिए 60 से 70 रुपये किराया चुकाना पड़ता है, जबकि टैक्सी से जाने पर करीब 1,500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस सफर में बस से लगभग एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। वहीं, चुवाड़ी से पठानकोट पहुंचने में बस से करीब डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। इसके लिए यात्रियों को बस में लगभग 145 रुपये और टैक्सी से सफर करने पर करीब 2,000 रुपये किराया चुकाना पड़ता है।