सिहुंता (चंबा)। सिहुंता क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में बिना सिंचाई धान की पनीरी सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इसके चलते किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि चिलचिलाती धूप में मेहनत के बाद बिना सिंचाई पनीरी सूखती जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार और विभाग से मांग कर चुके हैं लेकिन, अभी तक विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इससे किसानों में रोष है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत कामला, तरंगड़ा, लाहड़ू, गोला, सिहुंता और छलाड़ा में किसानों ने धान की पनीरी रोपी है लेकिन, सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण पनीरी अब खेतों में ही सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि यहां कूहल तो है लेकिन, पिछले 15 दिन से पानी न होने के चलते इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। कुलभूषण उपमन्यु, भीम सिंह, वीरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, माहल सिंह, लाल सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, करनैल सिंह आदि का कहना है कि वे धान की पैदावार कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। लेकिन, बिना सिंचाई बेहतर पैदावार प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि जलशक्ति विभाग की कूहल सूख गई है।
खग्गल से तरंगड़ा तक बनी कूहल से पचास हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है लेकिन पानी न होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है।
जलशक्ति विभाग सिहुंता के सहायक अभियंता राजेश्वर शर्मा का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि जल्द ही कूहल में पानी की व्यवस्था करवा दी जाएगी।