चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सरकार अभी तक हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं कर पाई है। इसकी वजह से जिले की छह लाख की आबादी को हृदय संबंधी बीमारी के इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज या पीजीआई शिमला जाना पड़ रहा है।
जिले में सैकड़ों लोग हृदय रोग से ग्रसित हैं। कई लोग चंबा में विशेषज्ञ की सुविधा न मिलने की वजह से दम तोड़ देते हैं। जबकि, कई मरीज अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए बार-बार शिमला और टांडा के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। चंबा में मेडिकल कॉलेज खुले हुए तीन वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है। एमबीबीएस का चौथा सत्र भी शुरू हो चुका है लेकिन, विशेषज्ञों की कमी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। जिले में हृदय रोगियों के आंकड़ा का उस समय पता चलता है जब चंबा में कोई भी हृदय बीमारी से संबंधित चिकित्सा शिविर लगता है। शिविर में सैकड़ों लोग अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं।
चंबा मिलेनियम पीपुल्स सोसायटी पांच सालों से चंबा में हृदय रोग संबंधी चिकित्सा शिविर का आयोजन कर रही है। उनके शिविर में हृदय विशेषज्ञ मरीजों की जांच करते हैं। पांच शिविरों में करीब पांच हजार मरीज अपना चेकअप करवा चुके हैं। सोसायटी की ओर से कई मरीजों का इलाज भी करवाया जा रहा है। ये सभी मरीज चंबा जिले से संबंधित हैं, जिन्होंने शिविर में हृदय बीमारी की जांच करवाई। ऐसे में पता चलता है कि चंबा में हृदय संबंधी बीमारी के मरीजों की संख्या कितनी अधिक है। जिला वासियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में कम से कम एक हृदय विशेषज्ञ तैनात किया जाए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मोहन सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कोई भी हृदय विशेषज्ञ नहीं है। उधर, कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में रिक्त चल रहे चिकित्सकों के पदों सहित ह्दय रोग विशेषज्ञ का पद भरने के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया है। कहा कि सरकार भी अपने स्तर पर रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयासरत है।