मेडिकल कॉलेज चंबा की गायनी ओपीडी के बाहर बारी का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की गायनी ओपीडी में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। ओपीडी में एमबीबीएस चिकित्सक जांच कर रहा है। महिला मरीजों के उपचार के लिए एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। वे सुबह से शाम तक गर्भवतियों समेत दूसरी बीमार महिलाओं की जांच कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में एक साल पहले आठ महिला विशेषज्ञ तैनात थीं। इसमें पांच का तबादला दूसरे जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों में कर दिया। उनके स्थान पर चंबा में कोई तैनाती नहीं की। दो विशेषज्ञ सरकारी नौकरी छोड़कर चंबा के निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। उनके खिलाफ भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। सरकार ने एक विशेषज्ञ को डेपुटेशन पर चंबा भेजा था। वह भी मेडिकल कॉलेज से जा चुका है। इस समय मेडिकल कॉलेज में एक भी महिला विशेषज्ञ नहीं है।
सोमवार को ओपीडी में उपचार करवाने के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं को घंटों कतार में रहकर चेकअप के लिए इंतजार करना पड़ा। अमूमन आधे से एक घंटे तक चेकअप के लिए बारी न आने पर महिलाएं थक-हार कर जमीन पर बैठ कर बारी का इंतजार करने लगीं। आखिरकार महिलाओं की बारी आने पर चेकअप करवाया।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना 50 से 100 गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए आती हैं। रोजाना मेडिकल कॉलेज में प्रसव भी किए जाते हैं। ऑपरेशन वाले केस को टांडा या शिमला रेफर किया जा रहा है। ऑपरेशन के लिए प्रबंधन के पास कोई महिला विशेषज्ञ नहीं है। तीमारदार अशोक कुमार, हंसराज, केवल, रवि कुमार और मनोज कुमार ने सरकार और विभाग से मांग की कि चंबा में महिला विशेषज्ञ की तैनाती की जाए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि महिलाओं की सुविधा के लिए ओपीडी में एमबीबीएस चिकित्सक बिठाए जा रहे हैं। सरकार को विशेषज्ञों की कमी के बारे में बताया जा चुका है। जल्द ही चंबा में सरकार विशेषज्ञ की तैनाती कर सकती है।