बनीखेत (चंबा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनीखेत में तैनात एकमात्र डॉक्टर की कोविड अस्पताल में ड्यूटी लगने से पीएचसी अब बिना डॉक्टर चलाई जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन मरीजों की जांच करने के लिए कोई चिकित्सक मौजूद नहीं है। इसके चलते पांच पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर बदर भटकना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बनीखेत, पुखरी, ढलोग, सुदली और बैली के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनीखेत पर ही निर्भर हैं लेकिन, एक महीने से लोगों को पीएचसी में डॉक्टर नहीं मिल रहा है। पीएचसी में तैनात डॉक्टर की ड्यूटी प्रतिनियुक्ति पर डीसीएचसी डलहौजी में लगाई गई है। यहां वह कोविड मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सामान्य बीमारी वाले मरीजों को बिना चिकित्सक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते कोविड केयर सेंटरों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगना स्वाभाविक है। इसके लिए सरकार को डॉक्टरों की अलग से तैनाती करनी चाहिए। लेकिन, चंबा में सरकार प्रतिनियुक्ति पर डॉक्टरों की कोविड में ड्यूटी लगा रही है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनीखेत में एक ही चिकित्सक तैनात है, जिसकी ड्यूटी कोविड में लगा दी गई है। अब मरीजों को चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाथरी जाना पड़ रहा है। हालांकि, विभाग की ओर से सप्ताह में दो या तीन दिन स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक भेजा जा रहा है लेकिन, लोगों ने बनीखेत में चिकित्सक की नियमित रूप से तैनाती करने की मांग उठाई है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सतीश फोतेदार ने बताया कि सरकार के आदेश हैं कि सीएचसी के दस किमी के दायरे में आने वाली पीएचसी में चिकित्सक अनिवार्य नहीं है। बनीखेत में तैनात चिकित्सक की कोविड में ड्यूटी लगाई गई है। पीएचसी में मरीजों की सुविधा के लिए सप्ताह में तीन दिन अन्य चिकित्सक को बैठाया जा रहा है।
ग्रामीणों सूरज टंडन, सतीश कुमार, माइकल, सरोज कुमार और सुरेंद्र ने कहा कि पीएचसी में वर्तमान समय में चिकित्सक का ना होना साधारण बीमारियों से पीड़ित मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि रात के समय कोई मरीज पीएचसी पहुंचाया जाता है तो उसे सीएचसी बाथरी या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
कहा कि इससे पहले पीएचसी बनीखेत में तैनात चिकित्सक का आवास भी नजदीक ही था। लिहाजा, रात के समय आने वाले मरीजों का चेकअप कर उन्हें समय पर उपचार मिल जाता था। ऐसे में वर्तमान समय में लोगों की सेहत राम भरोसे ही दिख रही है।