चंबा। मौसम की मार के छह दिन बाद भी लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जिले में 100 ट्रांसफार्मर बंद होने से सैकड़ों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 33 सड़कों समेत 20 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनको पटरी पर लाने में तीन-चार दिन का समय लग सकता है। हालांकि पटरी से उतरी व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए विभिन्न विभागीय टीमें युद्दस्तर पर जुटी हुई हैं लेकिन, लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
जिले के सैकड़ों गांवों में छह दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। अंधेरे में ही ग्रामीण अपने परिवार संग रातें गुजारने को विवश हैं। सबसे अधिक नुकसान जनजातीय क्षेत्र पांगी, भरमौर और तीसा में हुआ है। भारी बारिश के चलते बिजली के पोल ट्रांसफार्मर और एलटी लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं जिन्हें नए सिरे से स्थापित करने में अब बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बिजली न होने से लोगों के मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शोपीस बने हुए हैं।
चार घराट और एक कच्चा मकान ढहा
बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते भारी जलप्रवाह की भेंट दो फुट ब्रिज और चार घराट भी चढ़ गए। वहीं, 6 गोशालाएं और एक कच्चा मकान ढह गया। चार कच्चे मकानों का आंशिक नुकसान पहुंचा है।
उपायक्त चंबा अपूर्व देवगन ने बताया कि जिले में पटरी से उतरी सेवाओं को बहाल करने के लिए प्रशासन और विभागीय टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। जल्द व्यवस्थाओं को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।