साहो (चंबा)। ग्रामीण क्षेत्रों में सेब की फसल को रात के अंधेरे मेंं जंगली जानवर चट कर रहे हैं। हालांकि बागवानों की ओर से सेब की फसल को पक्षियों और ओलावृष्टि से बचाने के लिए नेट लगाए गए हैं लेकिन जंगली जानवरों से बचाने का कोई उपाय नहीं है। मजबूरन बागवानों को कई जगह पर सेब की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए दिन-रात पहरा तक देना पड़ रहा है।
साहो क्षेत्र के अधीन आने वाले गांव पद्धरूई, ओसल, मंगलासन, लग्गा, मंगरोल, अथलाड़ी, चचोह, कीड़ी, नौउलोड़ में बागवानों द्वारा नई प्रजाति के सेब के पौधों के बगीचे लगाए हैं। कड़ी मेहनत के बल अब बगीचों में बंपर सेब की फसल भी हुई है। बावजूद इसके जंगली जानवरों के निशाने पर अब सेब की फसल है। रात के अंधेरे में जंगली जानवर सेब की फसल को तबाह कर रहे हैं जिससे बागवानों को चपत लग रही है। बागवानों में मान सिंह, सुभाष कुमार, पविंदर, हरी सिंह, धारो राम, राम सिंह, संजीव कुमार, नेक सिंह, अशोक कुमार, रतन सिंह, राकेश कुमार ने बताया कि सेब के बगीचों को तैयार करने के लिए उन्होंने खबू मेहनत की है। बावजूद इसके रात के अंधेरे में जंगली जानवर फसल को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए उचित कदम उठाने की उद्यान विभाग से बागवानों ने उठाई है।