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नेगी हत्याकांड: महिला आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Fri, 23 Oct 2026 09:59 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर पूछताछ, पुलिस ने दोबारा करवाया घटनास्थल का निरीक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नेगी हत्याकांड में पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद महिला आरोपी तिमरो को अदालत में पेश किया गया। डलहौजी स्थित न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। इस दौरान पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट से जुड़े पहलुओं पर उससे पूछताछ की और जांच को आगे बढ़ाने के लिए घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण भी करवाया।
पुलिस मामले में घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और साक्ष्य जुटाने में लगी है। रिमांड के दौरान महिला आरोपी से वारदात से जुड़े तथ्यों के बारे में पूछताछ की गई। पुलिस टीम ने उससे घटनास्थल पर दोबारा ले जाकर घटना से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। वहीं, पॉलीग्राफ टेस्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। डीएसपी रंजन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है। तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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19 अगस्त को मिला था नेगी राम का शव
19 अगस्त 2026 को चंबा के चुराह क्षेत्र की खुशनगरी पंचायत के शाली गांव के पास बैरा नदी के निकट नेगी राम का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पुलिस थाना तीसा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले में गोविंद को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। वारदात के समय पहने गए कपड़ों समेत अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए उसका पुलिस रिमांड बढ़वाया गया। बाद में महिला आरोपी तिमरो को भी गिरफ्तार किया गया। सितंबर की शुरुआत में दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। पुलिस ने लाई डिटेक्टर टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू की।
17 अक्तूबर को मृतक के परिजनों ने जांच पर असंतोष जताते हुए उपायुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद 20 अक्तूबर को फोरेंसिक और पॉलीग्राफ रिपोर्ट से जुड़े पहलुओं की पड़ताल के लिए महिला आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
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न्यायिक हिरासत में पूछताछ के लिए लेनी होगी अनुमति
न्यायिक हिरासत के दौरान पुलिस को आरोपी से पूछताछ के लिए अदालत की अनुमति लेनी होती है। जरूरत पड़ने पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस रिमांड की मांग की जा सकती है।
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