जिले में खाद की कमी से किसान परेशान, बाले-मक्की की फसल के लिए है जरूरी
भेजी थी 30 हजार बैग सरकारी यूरिया की मांग, चार माह से नहीं पहुंच पाई नई खेप
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में मक्की की फसल के लिए यूरिया की बढ़ती मांग के बीच किसानों को खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी गोदामों में यूरिया का स्टॉक समाप्त होने के कारण किसान निजी विक्रेताओं से खाद खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि, निजी दुकानों पर भी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। कई जगह एक किसान को केवल एक बैग ही दिया जा रहा है। जिले में करीब 30 हजार बैग सरकारी यूरिया की मांग भेजी गई है लेकिन चार माह से नई खेप नहीं पहुंची है। ऐसे में मक्की की फसल के लिए यूरिया की आवश्यकता बढ़ने पर किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसान दलजीत कुमार, सोभिया राम, चतरो राम, जर्म सिंह और महिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी मुख्य फसल मक्की है। इसके लिए इस समय दो से तीन बैग यूरिया की आवश्यकता होती है। सरकारी गोदाम खाली होने के कारण वे निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं लेकिन वहां भी केवल एक बैग ही दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार खाद न मिलने से कई किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं हुई तो फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। उधर, हिमफेड के प्रभारी गगन ने बताया कि सरकारी यूरिया की नई खेप जल्द गोदामों में पहुंचने वाली है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में खाद उपलब्ध होने पर किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार यूरिया वितरित की जाएगी।