चंबा। लाहौल-स्पीति से पहली बार मांग के अनुरूप कम आलू का बीज पहुंचा है। मांग के अनुसार आलू का बीज न पहुंचने से कृषि विभाग की चिंता बढ़ गई है।
बीज कम आने का कारण लाहौल-स्पीति में पैदावार में कमी को इसकी वजह बताया जा रहा है। अब कृषि विभाग ने एक बार फिर निदेशालय को आलू के बीज की मांग भेज दी है। ऐसे में अब जिले के अधिकांश क्षेत्रों में आलू की बिजाई के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ सकता है।
चंबा जिले के तीसा, सलूणी, मैहला, भरमौर, डलहौजी और भटियात क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में किसान लंबे अरसे से लाहौल-स्पीति के आलू का बीज रोपित करते हैं। इस बार आलू के बीज की मांग कृषि विभाग ने भेजी है। 1650 क्विंटल बीज की मांग भेजी गई थी, जबकि 1340 क्विंटल आलू का बीज पहुंचा है।
विभाग को अब किसानों को उत्तम किस्म का आलू बीज मुहैया करवाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। हालांकि, विभाग ने पहुंचे बीज के अनुरूप कई क्षेत्रों में आलू के बीज का आवंटन कार्य शुरू कर दिया है। नवंबर के अंतिम सप्ताह से मार्च तक आलू ही बिजाई का कार्य जिला चंबा में चलता रहता है। समय पर आलू के बीज की आपूर्ति विभाग की ओर से न होने से किसानों को भी बीज के लिए भटकना पड़ सकता है।
उधर, कृषि उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि लाहौल-स्पीति से आलू के बीज की 1650 क्विंटल डिमांड की एवज में महज 1340 क्विंटल बीज पहुंचा है। इसे किसानों को आवंटित करने का कार्य शुरू कर दिया है। निदेशालय को एक बार फिर आलू बीज की मांग भेजी है।