नकरोड़-चरड़ा मार्ग पर कठवाड़ के पास भूस्खलन होने से पूूरी पहाड़ी नीचे दरक गई है। जिसमें सौ मीटर सड़क का नामोनिशान मिट गया है। भूस्खलन के दौरान पहाड़ी पर लगे करीब दर्जनों पेड़ ढह गए हैं।
भूस्खलन के दौरान सड़क पर कोई भी वाहन या राहगीर होता तो जान माल दोनों का नुकसान हो सकता था। इसके अलावा चार पंचायतों को जोड़ने वाली बिजली की लाइन भी टूट गई है। जिसके कारण बघेईगढ़, चांजू, चरड़ा और देहरा पंचायतों को कई दिनों तक अपनी रातें अंधेरे में काटनी पड़ सकती हैं। यह मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए कई दिनों तक बंद रहेगा। इस मार्ग पर रुक-रुक कर भूस्खलन जारी है। पहाड़ी से निरंतर पत्थर गिर रहे हैं। जिसके कारण सड़क को दोबारा बनाने का कार्य शुरू कर पाना काफी मुश्किल है।
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, देश राज, मनोज कुमार, प्यार सिंह, प्रेम नाथ, अशोक, दिवान चंद और टेक सिंह ने बताया कि नकरोड़-चरड़ा मार्ग पर कठवाड़ के पास भूस्खलन होने से पूरी पहाड़ी नीचे गिर गई। भूस्खलन में सौ मीटर सड़क का नामोनिशान मिट गया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन से लोनिवि व बिजली बोर्ड को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि कठवाड़ के पास हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई सड़क व बिजली लाइनों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
भूस्खलन रुकते ही शुरू होगा काम : लोनिवि
लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि कठवाड़ में भूस्खलन हाने से सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लोनिवि के मजदूर घटनास्थल पर मुस्तैद हैं। लेकिन मंगलवार शाम तक भूस्खलन जारी था। जिसके कारण सड़क बनाने का कार्य शुरू नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि भूस्खलन रुकने के बाद तुरंत सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
तीन पोल और तारें उखड़ी : बोर्ड
विद्युत बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता दिवान चंद गुप्ता ने बताया कि भूस्खलन होने के कारण तीन बिजली के पोल और तारें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जिसके कारण चार पंचायतों की बिजली लाइन कट हो चुुकी हैं। उन्होंने बुधवार को घटनास्थल का मौका किया बिजली की लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।