खाई में उतरने का कोई जरिया न होने पर रस्सी के सहारे नीचे उतरे रेस्क्यू टीम के सदस्य
जरा सा संतुलन बिगड़ने पर हो सकता था मौत से सामना, रस्सियों-स्ट्रेचर के जरिये निकाले शव
एक-दो-एक की तान पर बढ़ाया हौसला, सोशल मीडिया में संदेश पढ़ पहुंच गए थे 250 लोग
नीचे खाई में मौत पसरी थी, ऊपर पहाड़ पर जिंदगी उसे सम्मान के साथ वापस लाने के लिए जूझ रही थी। हर शव के साथ रस्सियां नहीं, सैकड़ों लोगों की संवेदनाएं खिंच रही थीं। कालाबन में चार घंटे तक चला यह संघर्ष बताता रहा कि हादसे इंसानों को तोड़ते जरूर हैं लेकिन इंसानियत को नहीं हरा पाते। सोशल मीडिया में खाई से पर्यटकों के शव निकालने का संदेश पढ़कर 200-250 लोग मदद के लिए कालाबन पहुंच गए। खाई में उतरने के लिए जगह नहीं थी। जान जोखिम में डालते टीम के सदस्य रस्सियों के सहारे खाई में उतरे। शवों तक पहुंचने के बाद रस्सियों और स्ट्रेचर के सहारे शव सड़क तक लाए गए।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : रविवार। समय : 7 बजे। स्थान : बैरागढ़ स्थित पुलिस चौकी। ग्रामीण अपने दोपहिया और चौपहिया वाहन में सवार होकर कालाबन के लिए जा रहे हैं। पुलिस, गृह रक्षक और एसडीआरएफ के जवान भी वाहनों में कालाबन की ओर निकले। पुलिस, गृह रक्षक जवानों में अधिकांश वे जवान शामिल हैं जो चुनाव ड्यूटी के दौरान आस-पास के दायरे में दिखे हैं। चंबा से भी प्रशिक्षित गृह रक्षकों का दल पुलिस टीम के साथ शामिल है। समय : 7:30 बजे, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सुरक्षा चौकी पर पहुंचे। पर्यटकों को लेकर जरूरी जानकारी ली। इसके बाद दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। कालाबन में दुर्घटनास्थल का जायजा लेने में टीमें डट गई हैं। टीमों ने पुलिस कप्तान को बताया कि रस्सियों के सहारे ही खाई में उतर सकते हैं। इसके अलावा खाई में उतरने का और कोई जरिया नहीं हैं। रस्सी के सहारे, गृह रक्षक, पुलिस और एसडीआरएफ के जवान नीचे उतरे। जरा सा संतुलन बिगड़ने पर सीधे खाई में गिरने का डर है। टीम सदस्य नीचे उतर रहे हैं। खाई में वाहन के समीप ही पर्यटकों और चालक के शव क्षत-विक्षत अवस्था में हैं। टीम ने एक पर्यटक का शव देखा। उसे रस्सियों और स्ट्रेचर के सहारे बांध कर खींचने की बात कही। बांध कर लाए जा रहे शवों को ऊपर लाने के लिए कतार में पुलिस, गृह रक्षक और ग्रामीण खड़े हुए। एक स्वर में सभी हौसला बढ़ाते हुए रस्सियां खींच रहे थे। कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से निकाला गया। क्रमवार अन्य शवों को भी खाई से निकाला गया। दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला।