चंबा। चुराह से अपनी देवी बहन से मिलने चंबा पहुंचीं बैरेवाली माता वापस देवी कोठी के लिए रवाना हो गई हैं। बैरेवाली माता हर वर्ष बहन चामुंडा से मिलने चंबा आती हैं।
दस से 15 दिन तक दोनों देवी बहनें एक साथ रहती हैं। दिन के समय कारदार बैरेवाली माता के पद चिह्नों को लोगों के दर्शन के लिए ले जाते हैं। बैरेवाली माता के दर्शन करने के लिए चंबा वासी साल भर इंतजार करते हैं। दोनों बहनों के मिलन के अवसर पर चामुंडा माता के मंदिर में जातर मेले और भंडारे का भी आयोजन हुआ। रात के समय मंदिर परिसर में जागरण का आयोजन हुआ। इसमें कलाकारों ने भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। संवाद