परंपरा... देवीकोठी से चंबा तक 100 किलोमीटर लंबा सफर कारदारों के साथ करेंगी तय
12 दिन बहन के पास रुकेंगी, बैरेवाली भगवती को अपने घर आने का न्योता देंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए वैशाख संक्रांति पर चुराह के देवीकोठी से बैरेवाली भगवती बहन चामुंडा से मिलने के लिए चंबा रवाना हुईं।
देवीकोठी से चंबा तक 100 किलोमीटर लंबे सफर को कारदारों के साथ पैदल तयकर बैरेवाली भगवती बहन चामुंडा के पास पहुंचेंगी। 12 दिन तक बैरेवाली भगवती चंबा में बहन चामुंडा के पास रुकेंगी। इस दौरान श्रद्धालु बैरेवाली भगवती को अपने घर आने का न्योता देकर पूजा-अर्चना करेंगे। दो बहनों के मिलन के अंतिम दिन चामुंडा माता मंदिर परिसर में जातर मेले का आयोजन किया जाएगा। बैरेवाली भगवती के आगमन को लेकर चामुंडा माता मंदिर को फूलमालाओं और इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से सजाया गया है। देवीकोठी से बैरेवाली भगवती हर वर्ष बसोआ दी पिंदड़ी (स्थानीय व्यंजन) खाने के लिए चामुंडा माता के पास आती हैं। चामुंडा सेवा समिति के सदस्य देवीकोठी जाकर बैरेवाली भगवती को न्योता देते हैं। इस वर्ष भी न्योता मिलने पर वैशाख संक्रांति को बैरेवाली भगवती चंबा के लिए रवाना हुई हैं। वैसाख माह की पांच तारीख शाम 6 बजे माता चंबा नगर में प्रवेश करेंगी। दो बहनों के मिलन के अंतिम दिन जातर मेले में माता के गुर पूछ देंगे। 18 अप्रैल को बैरेवाली भगवती अपने मूल निवास स्थान देवीकोठी के लिए रवाना हो जाएंगी। यह जानकारी पुजारी राकेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि बैरेवाली माता कारदारों के साथ चंबा के लिए रवाना हो गई हैं।