सिहुंता (चंबा) क्षेत्र में धान की फसल की कटाई पूरी हो चुकी है, लेकिन अब किसानों के सामने गेहूं की बिजाई की चुनौती खड़ी हो गई है। इलाके में लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेत सूख चुके हैं। मिट्टी में नमी की कमी के चलते किसान बिजाई की तैयारी नहीं कर पा रहे।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मिट्टी में कम से कम 25 से 30 प्रतिशत नमी जरूरी होती है ताकि गेहूं के बीज अंकुरित हो सकें, लेकिन वर्तमान हालात में यह स्तर बहुत कम है।
किसान अशाेक कुमार, मदन लाल, कर्म चंद, धमेंद्र कुमार, किशन चंद ने बताया कि उन्होंने समय पर बीज, खाद की व्यवस्था कर ली है, लेकिन बिना नमी के बीज डालना जोखिम भरा है। जमीन इतनी सूखी है कि बीज अंकुरित नहीं होंगे। जब तक बारिश नहीं होती, कुछ करना मुश्किल है,किसानों की उम्मीद अब केवल मौसम पर टिकी है। लेकिन अगर बारिश में और देरी हुई तो गेहूं की बिजाई का समय निकल सकता है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वे जब तक पर्याप्त नमी न बन जाए, तब तक इंतजार करें। उन्होंने शुरुआती बिजाई के लिए सिंचाई की व्यवस्था वाले खेतों को प्राथमिकता देने को कहा है।