चंबा के अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का रोमांचक समापन हुआ। फुटबॉल फाइनल में होशियारपुर एफसी ने डीएफए तरनतारन को 2-1 से हराकर खिताब जीता। वहीं वॉलीबॉल के फाइनल में पंजाब की टीम ने पुखरी को दो अंकों से मात देकर ट्रॉफी अपने नाम की। समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मिंजर फुटबाल प्रतियोगिता का खिताबी मुकाबला शनिवार को रोमांचक अंदाज में हुआ। फाइनल में होशियारपुर एफसी ने डीएफए तरनतारन को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन निर्णायक क्षणों में होशियारपुर एफसी ने बढ़त बनाए रखते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इससे पहले खेले गए पहले सेमीफाइनल में डीएफए तरनतारन ने डीएफए चंबा को 4-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में होशियारपुर एफसी ने पठानकोट एफसी को 4-0 से शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला फुटबाल संघ चंबा के अध्यक्ष एवं हिमफेड के निदेशक सोहन लाल रहे। मुख्य अतिथि ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को विजेता ट्रॉफी, उपविजेता ट्रॉफी व नकद पुरस्कार दिए।
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पंजाब टीम ने पुखरी को दो अंकों से हराकर जीती वॉलीबाल ट्रॉफी, विजेता और उपविजेता सम्मानित
मिंजर मेले में वॉलीबाल प्रतियोगिता का रोमांचक फाइनल मुकाबला पंजाब और पुखरी की टीमों में खेला गया। कांटे की टक्कर वाले इस मुकाबले में पंजाब की टीम ने पुखरी की टीम को दो अंकों के अंतर से हराकर प्रतियोगिता की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। समापन समारोह में मुख्य अतिथि डीएसपी बलदेव दत्त ने विजेता पंजाब टीम और उपविजेता पुखरी टीम को ट्रॉफी एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों की खेल भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। प्रतियोगिता के सचिव रविंद्र चौणा ने बताया कि प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।