चंबा। किसी भी धातृ महिला एवं उसके बच्चे की देखभाल के दौरान आने वाली समस्याओं से निजात के लिए परिजनों को अब अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
व्हाट्सएप मैसेज के जरिये ही उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। केयर कैंपेनिंग प्रोग्राम के तहत यह सुविधा मेडिकल कॉलेज चंबा समेत प्रदेश के 21 अस्पतालों में शुरू की गई है। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस बारे में महिलाओं और परिजनों को अस्पताल में दाखिल होने के दौरान ममता एनजीओ की ओर से तैनात डॉ. अभिषेक गुलेरिया और अस्पताल की मैटर्न की ओर से यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डॉ. अभिषेक गुलेरिया ने बताया कि आम तौर पर अधिकतर महिलाओं को जानकारी नहीं होती है कि बच्चा होने से पहले और बाद में किस तरह से अपने और नवजात के स्वास्थ्य का ख्याल रखना है। ऐसे में जांच के दौरान और प्रसव के बाद उनका नंबर मोबाइल केयर प्रोग्राम में पंजीकृत किया जाता है। जिन महिलाओं का प्रसव होना होता है, उनको मोबाइल पर ही उनकी दवा खाने के समय के बारे में रिमाइंडर भेजा जाता है। साथ ही क्या खाना है और क्या नहीं इस बारे में भी जानकारी साझा की जाती रहती है। प्रोग्राम में पंजीकरण होने के बाद अगर बच्चा दूध न पी रहा हो या मां को दूध न आ रहा हो, बच्चा अधिक रोता हो या मां को कोई दिक्कत हो तो इस व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज करने के बाद किस तरह से उस समस्या का हल करना है, उसके बारे में भी जानकारी दी जाती है।