भनौता भेड़ प्रजनन केंद्र में शामिल हुईं 30 नई ऑस्ट्रियन मेरिनो भेड़ें, अब 80 हुई संख्या
बाजार में विशेष महत्व रखती है महीन, मुलायम और मजबूत ऊन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला चंबा के ऊन उद्योग को नई उड़ान देने की दिशा में अहम पहल की गई है। भनौता भेड़ प्रजनन केंद्र में 30 नई ऑस्ट्रियन मेरिनो भेड़ों के शामिल होने से केंद्र में इनकी संख्या 80 हो गई है जिससे उच्च गुणवत्ता वाली ऊन उत्पादन और नस्ल सुधार कार्यक्रमों को नई मजबूती मिलेगी। अब ऊन उत्पादन को नई पहचान देने की तैयारी है। 30 नई मेरिनो भेड़ों के आगमन के साथ केंद्र में उच्च गुणवत्ता वाली ऊन उत्पादन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है।
मेरिनो नस्ल को दुनिया की बेहतरीन ऊन देने वाली नस्लों में शामिल किया जाता है। इसकी महीन, मुलायम और मजबूत ऊन बाजार में विशेष महत्व रखती है। यही वजह है कि भनौता केंद्र में इस उन्नत नस्ल के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र में पहुंची नई भेड़ों में नर और मादा दोनों शामिल हैं। इससे नस्ल सुधार कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी और भविष्य में बेहतर गुणवत्ता वाली मेरिनो भेड़ों की संख्या बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
भनोता केंद्र में पहले 50 मेरिनो भेड़ें थीं। अब 30 नई भेड़ों के शामिल होने के बाद यह संख्या 80 तक पहुंच गई है। बता दें कि सूबे के पशुपालक और किसान ऑस्ट्रेलिया की मेरिनो भेड़ों का पालन कर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करेंगे। इसके लिए भनाैता स्थित भेड़ प्रजनन केंद्र में 80 उच्च नस्ल की ऑस्ट्रेलियन मेरिनो नस्ल की भेड़ें लाई गईं हैं।
उच्च गुणवत्ता की ऊन के लिए जानी जाती है मेरिनो नस्ल
विश्वप्रसिद्ध मेरिनो नस्ल अत्यंत पतली, मुलायम और उच्च गुणवत्ता वाली ऊन के लिए जानी जाती है। इन भेड़ों को ऑस्ट्रेलिया से प्रजनन फार्म नगवाईं के माध्यम से विशेष परिवहन प्रबंधों के तहत चंबा लाया गया है। यह पहल नस्ल सुधार कार्यक्रम को मजबूती देने के साथ चंबा को विश्वस्तरीय ऊन उत्पादन के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
तीस और भेड़े पहुंची हैं। भेड़ों के रखरखाव के लिए पानी, बिजली, हवादार शेड, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और क्वारंटीन व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। - डॉ. राकेश भंगालिया, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग चंबा