मेडिकल कॉलेज चंबा की डिस्पेंसरी में दवाई लेने के िलए लगी लोगो की कतार।
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चंबा। दिन शुक्रवार और जगह मेडिकल कॉलेज चंबा। समय सुबह ग्यारह बज रहे हैं। डिस्पेंसरी के बाहर दवाइयां लेने के लिए 23 महिलाएं और पुरुष कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। डिस्पेंसरी में महिला और पुरुष फार्मासिस्ट एक-एक पर्ची लेकर मरीजों की दवाइयां देने का काम कर रहे हैं। इन दोनों को कंप्यूटर में डाटा चढ़ाने के साथ ही दवाई भी एकत्रित करनी पड़ रही है। डिस्पेंसरी के भीतर रखा दूसरा कंप्यूटर बंद पड़ा हुआ है। कंप्यूटर में दवाइयों के नाम अंकित करने के लिए फार्मासिस्ट को समय लग रहा है। नतीजतन, 15 मिनट के बाद एक मरीज दवाई लेकर बाहर निकलता है।
डिस्पेंसरी में दवाइयां लेने वालों की कतार धीरे-धीरे बढ़नी शुरू हो गई है। वहीं, डिस्पेंसरी में तैनात फार्मासिस्टों पर भी अब मरीजों की लाइन बढ़ती देख दबाव बढ़ता जा रहा है। दोपहर बारह बजे तक डिस्पेंसरी से दवाई लेने के लिए 47 महिलाएं और पुरुष कतार में खड़े हो जाते हैं। मरीजों की बढ़ती कतार अब डिस्पेंसरी से हॉल तक पहुंच जाती है।
कतार में खड़े मरीज कतार से बाहर निकल कर हॉल में लगाए गए बैंचों पर बैठ कर अपनी थकान मिटा कर दोबारा कतार में खड़े हो रहे हैं। कतार में सबसे पीछे खड़े एक मरीज ने बताया कि उसे दोपहर एक बजे दवाइयां मिल पाईं। वहीं, रत्तो देवी को साढ़े बारह बजे दवाई मिली। डिस्पेंसरी में स्टाफ की कमी से रोजाना दवाइयां लेने के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को दवाइयां लेने के लिए 15 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है। कई बार तो समय को लेकर मरीज फार्मासिस्टों से उलझते दिखे।
दवाई देने के अलावा और भी काम : फार्मासिस्ट
फार्मासिस्ट जन्म सिंह, रुद्रमणी और अनूपा ने बताया कि डिस्पेंसरी में पहले 6 से 7 फार्मासिस्ट तैनात थे। अस्पताल प्रबंधन ने दो फार्मासिस्टों को छोड़कर शेष फार्मासिस्टों की ड्यूटी ओटीए में लगा दी गई है। कहा कि डिस्पेंसरी में 150 प्रकार की दवाइयां हैं। यहां पर दो कंप्यूटर हैं लेकिन, महज दो फार्मासिस्ट होने पर एक फार्मासिस्ट दवाइयों की एंट्री करता है जबकि, दूसरा दवाइयां निकालता है। वर्तमान समय में उन्हें दवाइयां देने के साथ-साथ माइनर ओटी, सर्जरी और इंजेक्शन तक लगवाने के लिए बार-बार डिस्पेंसरी से जाना पड़ रहा है। कहा कि यहां से भेजे गए फार्मासिस्टों की ड्यूटी पुन: डिस्पेंसरी में लगाने के बारे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को लिखित में भी दिया गया है। लेकिन, समस्या का हल नहीं हो पाया है।
एमएस डॉ. मोहन सिंह ने डिस्पेंसरी में दो फार्मासिस्ट सेवाएं दे रहे हैं। कहा कि जल्द 17 अन्य फार्मासिस्टों की ड्यूटी भी डिस्पेंसरी में लगा दी जाएगी। इससे मरीजों को काफी हद तक राहत मिल जाएगी।