बनीखेत (चंबा)। बनीखेत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मधुमेह से पीड़ित कुसुम देवी पति सुरिंद्र कुमार के साथ पहुंची। हालात खराब होने पर तुरंत चिकित्सक ने मरीज को चेक करने के बाद छह प्रकार की दवाइयां लिख दीं लेकिन पीएचसी में महज एक ही दवा मिलने के बाद मजबूरन पांच दवाइयां बाजार से खरीद कर लानी पड़ीं। पीएचसी में दवाइयां न मिलने से कई निर्धन परिवारों को यहां से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। आलम यह है कि स्वास्थ्य खंड समोट के तहत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनीखेत में मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं।
दवाइयों के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को मजबूरन बाजार का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि एक तरफ तो सरकार अस्पतालों में निशुल्क दवाइयां देने संबंधी बड़ी-बड़ी बातें करती हैं तो वहीं दूसरी ओर जिले की पीएचसी में आवश्यक दवाइयां मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की आपूर्ति करना विभाग का दायित्व है। सुरिंदर कुमार, कुलदीप सिंह, प्यार चंद, अच्छरो देवी, कुसुम देवी, संदीप कुमार, तिलक कुमार ने बताया कि एक ओर सरकार गरीबों के स्वास्थ्य को लेकर गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवा मुहैया करवाने की बातें करती है लेकिन धरातल में सब उसके विपरीत दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग उठाई है कि बनीखेत स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों की खेप भेजी जाए।