नगर परिषद चंबा में बगावत हो गई है। भाजपा समर्थित व कांग्रेस की पार्षद ने संयुक्त रूप से नप अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चौगान वार्ड की पार्षद अंजलि मल्होत्रा ने नगर परिषद अध्यक्ष को खुला पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने नगर परिषद के अधीन वार्डों में काम न होने की बात कही है।
अंजलि ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद ने सफाई व तारकोल के टेंडर मंगवाए थे लेकिन उन्हें अभी तक खोला नहीं गया। वैकल्पिक तौर पर चल रही सफाई व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं। अंजलि भाजपा समर्थित दो अन्य पार्षदों हटनाला से धीरज बड़याल व मुगला से धन्नो देवी के साथ मिलकर मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्यारह मुद्दे उठाए हैं जिनका समाधान न हुआ तो तीनों पार्षद धरने पर बैठ जाएंगे।
यह धरना नगर परिषद के बाहर होगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद अध्यक्ष को तारकोल के टेंडर के लिए आए 64 लाख का हिसाब देना होगा। तारकोल के टेंडर लगाने में नगर परिषद अध्यक्ष आनाकानी कर रही हैं। जबकि सफाई के टेंडर को लेकर भी ऐसे ही हालात बने हुए हैं। पिछले सात माह में नगर परिषद में विकास का कोई कार्य नहीं हो पाया है। इसके लिए नगर परिषद अध्यक्ष सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। जबकि शहरवासी पार्षदों से विकास कार्य का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नगर परिषद अध्यक्ष ने उनके खुले पत्र का जवाब जल्द नहीं दिया और रुके पड़े विकास कार्य शुरू नहीं किए गए तो तीनों पार्षद धरने पर बैठ जाएंगे।
बरसात के बाद होंगे तारकोल के टेंडर : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर का कहना है कि तारकोल के टेंडर बुलाए गए थे। लेकिन एक ही ठेकेदार ने आवेदन किया था। जिसके बाद यह टेंडर निदेशालय की मर्जी से रद्द कर दिए गए हैं। अब दोबारा से ऑनलाइन टेंडर होंगे जिसके जिए बारिश रुकने के बाद आवेदन मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि तारकोल का काम बरसाल के बाद शुरू होगा।