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एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने शहर में निकाली जागरूकता रैली

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चंबा। डिप्रेशन की वजह से बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों को कम और लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता लाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने बाजार में जागरूकता रैली निकाली। रैली का आयोजन वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर किया गया।
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एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने बाजार में रैली के दौरान आत्महत्या पाप है, के नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया। इसके साथ ही डिप्रेशन में आकर उठाए जाने वाले जानलेवा कदमों के बारे में भी जानकारी भी दी। दरबार हॉल में प्रशिक्षुओं ने भाषण के माध्यम से भी डिप्रेशन पर विचार रखे। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम पुरी मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने प्रशिक्षुओं को डिप्रेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मनोचिकित्सा विभाग के एचओडी डॉ. नीरज शर्मा ने बताया कि 10 अक्तूबर को हर साल दुनिया भर में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। इसका मकसद मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों के बीच जागरुकता फैलाना है। जिससे दुनिया भर में लोग सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को लेकर भी गंभीरता से लें और उसके प्रति सजग और सतर्क बनें।
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अगर किसी व्यक्ति को किसी तरह की मानसिक दिक्कत होती है तो उसे नजरअंदाज करने की बजाए उसके बारे में बात की जाए और मेंटल हेल्थकेयर को भी उतनी ही अहमियत दी जाए, जितनी फिजिकल हेल्थ को दी जाती है। उन्होंने कहा कि डब्लयूएचओ के आंकड़ों की मानें तो दुनिया भर में हर 40 सेकंड में 1 व्यक्ति आत्महत्या करता है।
इस हिसाब से आत्महत्या की वजह से हर साल करीब 8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। आत्महत्या एक ऐसी स्थिति है, जो बेहद गंभीर और दुखद है लेकिन इसे रोका जा सकता है क्योंकि आत्महत्या अपने आप में कोई मानसिक बीमारी नहीं है बल्कि इसके पीछे कई वजहें जुड़ी होती हैं। मानसिक बीमारी, डिप्रेशन, ऐंग्जाइटी बहुत सारी वजहें होती हैं जो इंसान को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करती हैं।
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