चंबा। सर्दी का मौसम शुरू होते ही पीठ दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए करवाई जा रही गलत तरीके की पीठ मालिश कई मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। मेडिकल कॉलेज चंबा की हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना 100 में से 50 मरीज केवल पीठ दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार पीठ की मालिश से कुछ समय के लिए नस दब जाती है, जिससे मरीज को अस्थायी राहत मिलती है, लेकिन जब नस दोबारा खुलती है तो दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन अस्पताल का रुख करना पड़ता है। यही वजह है कि इन दिनों हड्डी रोग ओपीडी में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मरीज गलत तरीके से बैठने और लंबे समय तक एक ही स्थिति में काम करने से पीठ दर्द का शिकार हो रहे हैं, जबकि अधिकतर मामलों में दर्द की जड़ गलत तरीके से करवाई गई मालिश है। सामान्य पीठ दर्द वाले मरीजों को दवाइयों के साथ आराम करने की सलाह दी जा रही है, वहीं गंभीर मामलों में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मानिक सहगल ने लोगों से अपील की है कि पीठ दर्द की स्थिति में स्वयं उपचार या मालिश कराने से बचें और सीधे चिकित्सीय परामर्श लें, ताकि नस दबने जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सके।