चंबा। स्लॉक बुक न होने की वजह से कई लोग बिना वैक्सीन लगवाए अपने घरों को लौट गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज लगवाने के लिए स्लॉट बुकिंग की जानकारी नहीं दी गई थी। इसके चलते कई लोग बिना स्लॉट बुक करवाए वैक्सीन लगवाने केंद्रों में पहुंच गए, जिन्हें केंद्रों में तैनात स्टाफ ने वैक्सीन नहीं लगाई। वहीं, जिन लोगों ने ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग करवाई थी उन्हें वैक्सीन की डोज लगवाने में कोई परेशानी नहीं हुई।
चंबा मेडिकल कॉलेज और कन्या पाठशाला चंबा में स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन केंद्र बनाए हैं। यहां पर सोमवार को 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। सोमवार को सुबह जब लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए केंद्रों में पहुंचे तो उनसे स्लॉट बुकिंग को लेकर पूछा गया। जिन लोगों ने स्लॉक बुकिंग करवा रखी थी, उन्हें वैक्सीन की डोज आसानी से लग गई। जबकि, जिन्होंने स्लॉट बुक नहीं करवाया था उन्हें वैक्सीन नहीं लग पाई। वैक्सीन न लगने से परेशान कई लोग केंद्रों में तैनात स्टाफ से बहसबाजी करने लगे। समस्या को लेकर विभागीय उच्चाधिकारी से बात करने का परामर्श दिया गया।
वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों का कहना था कि उन्हें स्लॉट बुकिंग की पहले जानकारी नहीं दी गई थी। अगर एक दिन पहले इसकी जानकारी दी गई होती तो वे स्लॉट बुक करके केंद्रों में वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते। कहा कि शहर के बाहर अन्य केंद्रों में स्लॉट बुकिंग का सिस्टम नहीं किया गया है, तो शहर में ही इस तरह की व्यवस्था क्यों की गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर करण हितेषी ने बताया कि चंबा शहर और डलहौजी में स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था है। अन्य स्थानों में स्लॉट बुकिंग की जरूरत नहीं है। शनिवार देर शाम को इसके आदेश हुए थे, जिस कारण लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी जा सकी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शहर में वैक्सीन लगवाने से पहले अपना स्लॉट बुक करवाएं।