कुगती-मणिमहेश परिक्रमा मार्ग पर जमी बर्फ, प्रशासन की अपील-अभी न करें यात्रा
कहा- कभी भी खराब हो सकता है मौसम, रास्ता भी कई जगह से हो चुका है क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। आस्था के कदम अभी कुगती-मणिमहेश परिक्रमा मार्ग की ओर बढ़ाने से पहले सावधान हो जाइए। बर्फ की मोटी चादर में लिपटा यह दुर्गम रास्ता फिलहाल श्रद्धा से ज्यादा जोखिम की कहानी कह रहा है। मौसम की एक करवट और रास्ते की एक चूक यात्रियों को बड़े खतरे में डाल सकती है। यही वजह है कि प्रशासन ने इस मार्ग को लेकर सख्त चेतावनी जारी कर श्रद्धालुओं से फिलहाल यहां से यात्रा न करने की अपील की है।
एसडीएम विकास शर्मा ने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर मौजूदा समय में भारी बर्फ है। वहां किसी भी समय मौसम खराब हो जाता है। ऐसे हालात राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। सुरक्षा के लिए भी कोई इंतजाम नहीं हैं। इसलिए मणिमहेश जाने के लिए अभी इस मार्ग का चयन करना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अभी वहां से न जाएं। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी कहा कि वे इस ओर से जाने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क करें।
उन्होंने कहा कि कुगती से मणिमहेश जाने वाला रास्ता कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत होना अभी बाकी है। जब तक प्रशासन वहां से जाने के लिए हरी झंडी नहीं दे देता, तब तक वहां से कोई भी मणिमहेश के लिए आवाजाही न करे। यदि कोई श्रद्धालु वहां से जाता है और दुर्घटना का शिकार होता है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
चार से 20 सितंबर तक चलेगी मणिमहेश यात्रा
इस बार मणिमहेश यात्रा चार सितंबर से शुरू होकर बीस सितंबर तक रहेगी। राधाष्टमी का शाही स्नान 18 सितंबर से शुरू होगा। गत वर्ष आपदा के चलते मणिमहेश यात्रा को रोक दिया गया था। सिर्फ परंपरा के तहत पूजा अर्चना ही की गई थी। लेकिन इस बार प्रशासन बेहतर व्यवस्था करने के लिए प्रयासरत है।
बीते साल आपदा में बह गए थे डल झील के रास्ते
पवित्र मणिमहेश यात्रा के तहत आते हड़सर से पवित्र डल के रास्ते बीती बरसात के दौरान जमींदोज हो चुके है, कई जगहों पर रास्ते क्षतिग्रस्त हुई है। जिसकी मरम्मत और निर्माण कार्य भरमौर प्रशासन के आदेश पर वर्तमान में भी चल रहे हैं। यात्रा से पूर्व रास्तों का निर्माण करवाने का लक्ष्य है।