मंगला गांव, जहां से बननी है सुरंग। संवाद
मंगला (चंबा)। जिला चंबा के लोगों की लंबित मांग आखिरकार अब धरातल पर उतरती नजर आ रही हैं। मंगला-चुवाड़ी सुरंग की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्य पर सरकार की ओर से चार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। सुरंग निर्माण होने से मेडिकल कॉलेज चंबा से टांडा, शिमला या पीजीआई के लिए रेफर मरीजों को पहले की अपेक्षा कम समय में स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचाया जा सकेगा तो वहीं, जिला चंबा से बाहरी जिलों का रुख करने वाले लोगाें के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार चंबा-चुवाड़ी सुरंग निर्माण की कवायद आरंभ होने से जिलावासियों में खुशी की लहर हैं।
सात किलोमीटर लंबी चंबा-चुवाड़ी सुरंग का निर्माण होने से जहां जिला की शेष विश्व से दूरी कम होगी। वहीं, जिले के विकास और पर्यटन कारोबार को पंख लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और सदर विधायक नीरज नैयर के सपने को पूरा करवाने के लिए दोनों की विधायकों ने अपनी ओर से भरपूर प्रयास किए हैं। सदर विधायक ने अति महत्वपूर्ण मंगला-चुवाड़ी सुरंग को लेकर मुख्यमंत्री से बार-बार आग्रह किया। जिससे अब आखिरकार इस पर कदम ताल आरंभ करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों ने जिलावासियों में कुछ हद तक अब राहत प्रदान करने का काम किया है।
48 की जगह 18 किमी सफर कर पहुंचेंगे चुवाड़ी
स्थानीय राजीव कुमार, योगराज, प्रताप चंद और अशोक कुमार ने बताया कि मंगला-चुवाड़ी तक पहुंचने के लिए पूर्व में चंबा से लोगाें को 48 किलोमीटर का सफर तय कर वाया जोत होते हुए ही चुवाड़ी पहुंचना पड़ता है। इतना ही नहीं, बारिश और बर्फबारी के दौरान उनके पास नेशन हाईवे भरमौर-पठानकोट के सिवाए कोई भी जरिया शेष नहीं बचता है। ऐसे में अब मंगला-चुवाड़ी सुरंग बन जाती है तो इससे चंबा से 18 किमी का सफर तय कर लोग आसानी से चुवाड़ी होते हुए बाहरी जिलों का रुख कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलावासियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए मंगला-चुवाड़ी सुरंग की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी के लिए टेंडर आमंत्रित करवाए हैं। सुरंग बनने से आगामी समय में जिलावासियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
नीरज नैयर, सदर विधायक