चुराह (चंबा)। ग्राम पंचायत चांजू और देहरा के मैहला पशु औषधालय पिछले 22 साल से किराये के भवन में संचालित हो रहा है। इस कारण पशुपालकों को अपने पशुओं का इलाज करवाने में काफी कठिनाई होती है। पशु औषधालय से इन दोनों पंचायतों के ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलती है, लेकिन किराये के भवन में होने के कारण यहां संसाधनों की भारी कमी है। चांजू और देहरा पंचायतों के पशुपालकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पशु औषधालय के लिए स्थायी भवन का निर्माण किया जाए। जिससे पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
पशुपालक कुलदीप, रूप सिंह, हरीश कुमार, राम सिंह और भूरी सिंह ने बताया कि चांजू और देहरा के मैहला में पशु औषधालय न होना पशुपालकों के लिए परेशानी की वजह बना हुआ है। पशुपालकों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को कई बार अधिकारियों के समक्ष उठाया। लेकिन, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पशु औषधालय के लिए स्थायी भवन की मांग वर्षों से लंबित है। कहा कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी खेतीबाड़ी और पशुधन के बलबूते ही अपना जीवन निर्वहन करती है। लेकिन, पशु औषधालय का अभाव ग्रामीणों की चिंताओं को बढ़ाने का काम कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि किराये के भवन में चलने के कारण औषधालय में जरूरी सुविधाओं की कमी रहती है, जिससे पशुओं के इलाज में देरी होती है। चांजू और देहरा पंचायतों के पशुपालकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पशु औषधालय के लिए एक स्थायी भवन का निर्माण किया जाए, ताकि पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
पशु औषधालय मैहला के लिए जमीन की उपलब्धता न होना भवन निर्माण की राह में मुख्य रोड़ा बनी हुई है। पंचायत यदि जमीन उपलब्ध करवाती है तो पशु औषधालय निर्माण के लिए आगामी औपचारिकताएं आरंभ की जा सकती है।
मुंशी कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग